अभी जान बाकी है

​अभी तो पूरी उड़ान बाकि हैं 

अभी तो मेरी पहचान बाकि हैं 

अच्छा लिखूं तो पढ़ते रहना 

क्योंकि अभी मेरे विचार बाकि हैं 
इस शहर में लगता हैं एक अकेलापन अजीब सा 
शायद यहां अमीरों में गरीबी बाकि हैं 
अब तो निकल पड़ा हैं अपने सफर पर 
क्योंकि सोनू चौबे में अभी जान बाकि हैं । 

Comments

Popular posts from this blog

वो ऐतिहासिक जीत जिसने पूरा किया क्रिकेट के भगवान का सपना और 125 करोड़ जनता बोली " जय हो "

आखिर कब आजाद घूम पाएगी महिलाएं / When will women be able to move freely?

ऑपरेशन ब्लू स्टार : देश की रक्षा या धर्म का अपमान